भारतीय बौद्ध महासभा तथा धम्म प्रचारक संघ द्वारा अश्विन पौर्णिमा बडे उल्हास के साथ मनाई गई.

भारतीय बौद्ध महासभा

भारतीय बौद्ध महासभा तथा धम्म प्रचारक संघ द्वारा अश्विन पौर्णिमा बडे उल्हास के साथ मनाई गई.

भारतीय बौद्ध महासभा तथा धम्म प्रचारक संघ द्वारा सारनाथ बुध्द विहार, मोदी इस्टेट नवागाम सुरत में अश्विनी पौर्णिमा बडे हर्ष और उल्हास से मनाई गई.
सुबह 11=00 बजेसे शुरु हुये इस तौहार की सुरुवात आद. प्रवीण ब्राह्मने और उनके परिवार की तरफसे भिकखू संघको भोजन दान और चिवर दानसे हुई. उसके बाद संघ द्वारा पूजनीय भन्ते धम्मरक्षित महाथेरो और उनके संघ द्वारा महापरित्राण पाठ किया गया. पूजनीय भन्ते धम्मरक्षित महाथेरो इनकी देसना हुई. कार्यक्रमकी रुपरेखा के तहत बरोबर 2=00 बजे आद. वाय. डी. सपकाळ गुरुजी इन्होने विषयानुसार वर्षावास में गृहस्थो ने क्या करना चाहिए? इस विषयपर अपनी मधुर वाणीमे सविस्तर विवेचन किया. गृहस्थो ने वर्षावासमे किये जानेवाले दस पुण्य कर्म में दान, शील, भावना, धम्मसवन, धम्मदेसना, अपचायन, वेय्यावच्च, पत्तीदान, पत्तानुमोदन, दीठ्ठीनुकम्म इनका सविस्तर वर्णन किया.
4=00 बजे आद. प्रवीण ब्राह्मने और उनके परिवार की तरफसे सुरतमे जो जो लोग धम्म कार्यसे जुडे हैं, ऐसे बौद्धचार्य आद. वाय. डी. सपकाळ, आद. रतन धंदर, आद. अरविंद बैसाणे माजी श्रामनेर आद. प्रकाश सामुद्रे, आद. भास्कर वानखेडे, आद. धम्मापाल तायडे, आद. शंकर गवळे, आद. दगडू बेडसे, आद. सुरेश आगळे, आद. पंडित शिरसाठ, आद. रवींद्र पवार, आद. यशवंत जाधव धम्म सेवक आद. दिलीप रामटेके, आद. सुभाष झाडे, आद. ब्रह्मानंद इंगळे, आद. रमेश डोंगरदिवे, आद. संदीप सोनवणे, आद. कल्पेश माले, आद. सुनील वानखेडे, आद. रवी वानखेडे धम्म सेविका आद. मायाताई सपकाळ, आद. शारदाताई अवसरमोल, आद. सुरेखा शिरसाठ इनको वस्त्रदान देकर उनका उचित सन्मान किया गया. इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथी आद. सी. एम. सोनवणे, आद. कृष्णा वानखेडे, आद. सुभाष झाडे, आद. भास्कर वानखेडे इन्होने मार्गदर्शन किया. उसके बाद आद. प्रवीण ब्राह्मने इन्होने अपना मनोगत व्यक्त किया. पूजनीय भन्ते संघरक्षितजी इनकी देसना हुई. अंतमे उपस्थित सभी जनसमुदायके लिये भोजनदान दिया गया.


Discover more from Learn Pali ! Learn Buddha

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Learn Pali ! Learn Buddha

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading